Hindiwalas
Wednesday, January 19, 2011
कविताएँ
1 comment:
Hindiwalas
said...
मन की तलाश में मन, भटकता ही रहा हरदम
हर मोड़ लगा मंज़िल है, हर मंज़िल के बाद तलाश ज़ारी है
January 21, 2011 at 4:45 PM
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मन की तलाश में मन, भटकता ही रहा हरदम
हर मोड़ लगा मंज़िल है, हर मंज़िल के बाद तलाश ज़ारी है
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