फिल्म सुम्मरी
फिल्म मे बहुत कुछ हो रहा है। पहेली सीन मे अथान्क्वोदी बाघ रहा है। सोल्दिएर्स ने इन लोगो को पुखुर्लीः फिर एक छोटा गाव मे रोजा और उनका पुरीवर रहते है । एक दिन एक शहर वाला लड़का रोजा के गाव मे आया । वह रोजा की बहान को दखने आया था। लकिन लक्ष्मी किस्सी और को प्यार करती थी इस्लीय उसने शादी को मुना कर दीया। लड़का कुश नही था और वह गाव वाली लडकी चाता था। उसने रोजा को चुना और रोजा कुश नहीं थी। लक्ष्मी और रोजा के शादीया हुई। रोजा शादी के बाद अपने पुती के साथ जाती है शहर रहने के लीया।
शरू से रोजा और उसके पुती की इतनी बंदी नहीं थी।
Tuesday, February 15, 2011
Monday, February 14, 2011
Hindi Links
नमस्ते हिंदीवाले. मैं सोचता था कि आप लोगों को कुछ हिंदी की फ़िल्में देखने पसंद होगा. पहले समेस्टर से मैं बॉलीवुड और हालीवुड फ़िल्में http://www.hindilinks4u.net/ पर देखा हूँ. इस हफ्ते की छुट्टी, मैं ने 'बी मूवी' और 'लायर लायर' देखे. इस साईट पर बहुत फ़िल्में और मुझे लगता है कि जब मैं हालीवुड फ़िल्में या बच्चों की फ़िल्में देखता हूँ, तब मैं ज्यादातर बातचीत समझ सकता हूँ. "हात हिंदी मूवी" शैली फ़िल्में सावधान करें क्योंकि ये अश्लील साहित्य फ़िल्में हैं. ये फ़िल्में नंगापन न दिकाते होते हैं, लेकिन फिर भी ये फ़िल्में बेस्वाद होते हैं. आनंद लें! अगर आप लोगों के पास कुछ फ़िल्में के सुझाव होते तो मुझे बताइए.
Thursday, February 10, 2011
रोजा के विचार
अब तक रोजा फिल्म मुझे बहुत पसंद है. फिल्म कश्मीर में शुरू है. एक आतंकवादी पीछे करनेवाले दृश्य के बाद, फिल्म की स्थापना तमिलनाडु बन जाती है. यहाँ गाना के दौरान गाँव जीवन दिकाता है. यह गाना जवानी की बेगुनाही के बारे में है. इस के बाद रोजा बकरियों को चराते चराते एक शहर रहनेवाले को देखती है. वह गाड़ी चलनेवाला, सिगरेट पीनेवाला, और अंग्रेज़ी बोलनेवाला आदमी है और वह रोजा के बड़ी बहन को मिलना चाहता है शादी के लिए. उसको देखकर रोजा घर दौड़ती है. रास्ते में रोजा हर किसीको उसका पहुँच के बारे में कहती है. भीड़ आदमी को पीछी करते करते कुछ सवाल पूछते है. वे उसका काम और वेतन के बारे में जानना चाहते है. एक बुढ़िया सोचती है कि वह कमज़ोर होगा लेकिन तब वह उसको ऊपर उठाकर रोजा का घर चलता है. वे उसको भरोसा नहीं रखता है क्योंकि वे नहीं जानते हैं क्यों शहरवाला आदमी गांववाली लड़की को शादी करना चाहता है. जब रोजा की बड़ी बहन इस आदमी को कहती है कि उसको शादी नहीं करना चाहती है, वह रोजा को शादी करने का फैसला करता है. सब लोग अचरज हैं और वे चिंता करते हैं कि रोजा की बड़ी बहन के लिए शादी में मुसीबत होगा. अंत में असका पिता उसको प्यारी को शादी कर देता है. तो रोजा मद्रास जाती और उसकी बहन गाँव में रहती है.
Thursday, February 3, 2011
ठंड मौसम मैदिसॉन में
पूरा मंगलवार को बर्फ़ की दिन था। अम्रिका में मुतलब है कि सब कक्षें ने नहीं बीता था। पिछले रात को क़रीब बारह इंच तक बर्फ़ ने पड़ा। जब बर्फ़बारी थोड़ी है तब शहर का सरकार लोग का प्रदान करता है (provide) सड़कें बेलचा से फेंकने के लिए। लेकिन उस रात के दौरान भारी हवा ने चलती थी तो सरकार ने तय किया कि वह सड़कें बेलचा से फेंकने (shovel) का इंतज़ार करेगा। सुबह सड़कें बेलचा से फेंकने लगा लेकिन ज़रूरी नौकरी काम करते हुए लोग सिर्फ़ बाहर जाते थे। उदाहरण के लिए मेरे सहेली नर्स है और अस्पिताल उसको गाड़ी भेजेगा अगर वह नहीं आ पाती है। लेकिन अगर लोग कोई ज़रूरी नौकरी नहीं का करते है तो बाहर रखना (to stay inside) बेहतर है। शायद खतरनाक हो कि शिक्षा का बस ने उन सड़कों पर चले थे। इस कारण के लिए कक्षें रद्द करए गये (canceled)। कभी-कभी अच्छा है कि अतिरिक्ती (extra/additional) छुट्टी है पर बर्फ़ की दिन में मैं सब ज़रूरी चीज़े कभी नहीं करती हूँ। क्या आप लोग को हमारे बर्फ़ कि दिन पसंद था?
Wednesday, February 2, 2011
सुम्मरी पग २६ एंड २७ "सोच बोलने की भूल"
पेज २६ एंड २७
लेखक की बची ने गुड खाया। गुड खाकर और पानी पीकर वुह सो गयी। लेखक सो न सुका क्योकी उसके धुमाक पर बहूत प्रिशानीय थी। बिस्तर बहूत गंधा था। लेखक को उबकाई उनूभव हो रही थी। वह दिन की उचान्क इन्तिज़ार कर रहा था। "जरा उजाला और हो जाए " उसने बोला। लेखक जाना चाता था लकिन उसके नीचे लोग सो रहे थे और वह उनकी नींद नहीं कोलना चाता था। लेखक ने इन लोगो की बाते सूनी और दर गया था। लेखक ने सोचा कि वह लोग क्रिमिनल्स और अथुन्ग्वाद थे। उसने सोचा कि वे लोग उनको कटने कि कोशश करंगे। ये गलत उसने सोचा। वह लोग थो सिर्फ मुर्गे कटने कि बात कर रहे थे!
लेखक की बची ने गुड खाया। गुड खाकर और पानी पीकर वुह सो गयी। लेखक सो न सुका क्योकी उसके धुमाक पर बहूत प्रिशानीय थी। बिस्तर बहूत गंधा था। लेखक को उबकाई उनूभव हो रही थी। वह दिन की उचान्क इन्तिज़ार कर रहा था। "जरा उजाला और हो जाए " उसने बोला। लेखक जाना चाता था लकिन उसके नीचे लोग सो रहे थे और वह उनकी नींद नहीं कोलना चाता था। लेखक ने इन लोगो की बाते सूनी और दर गया था। लेखक ने सोचा कि वह लोग क्रिमिनल्स और अथुन्ग्वाद थे। उसने सोचा कि वे लोग उनको कटने कि कोशश करंगे। ये गलत उसने सोचा। वह लोग थो सिर्फ मुर्गे कटने कि बात कर रहे थे!
Tuesday, February 1, 2011
Friday, January 21, 2011
Wednesday, January 19, 2011
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