p. 18 & 19: एक आदमी पत्नी और बेटी के साथ छुट्टी के दौरान पहाड़ी प्रदेश में चला गया। उन्होंने एक खच्चर (mule) पर असबाब (luggage) लाद ले कर अपना घर छोड़ कर ठहरने के लिए सुहावना (pleasant) स्थान मिले। उसका स्थान में पहाड़ी थी और बंगले के चौकीदार (watchman) ने उनको बताया कि पहाड़ी का चोटी से सुर्यास्त (sunset) का द्य्शय ज़रूर देखते हैं। पत्नी थाकी हुई था लेकिन पिता और बेटी चलने के लिए मचल गई। सचमुच सुर्यास्त का द्य्श सुंदर था। बर्फ ने पहाड़ी ढकती थी (covered)। जब उतरना सूर्य बर्फ को छूने लगा तब आग कि बड़ी थाली के समान लगता था। हालांकि आदमी ने समझता था कि अंधेरे के पहले उसको डाक-बंगले (the place they were staying) हो जाती सड़क चलना शरू करना चाहिए, वे द्य्शय देखने के लिए रूकता था। उन्होने पूर्व की ओर का पहाड़ी ही चला जब अंधेरा घना (dense) हो गया।
किसान सोचता था कि हो सकता है कि शहर के लोग किसान की परिवार को पैसे दें अगर वे उनको अपनी झोंपड़ी में रहता दिए. इसलिए उसने अपनी पत्नी से साफ़ करने को कहा. तो उसने कुत्ते को डांटकर चुप करा दिया और गैया और मुर्गियां को बाहर फ़ेंक दिया. लेकिन फिर भी इस परिवार बहुत गरीबी था और उनके पास रोशनी या ऊंची छत नहीं थे. वे लोग मेहमानदारी होने चाहता था लेकिन आटा या गुड़ बिना क्या करें? जब वे अपना बच्चों के निर्वाह न कर पाते थे तब ये मेहमान के निर्वाह कैसे करते थे?
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p. 18 & 19:
एक आदमी पत्नी और बेटी के साथ छुट्टी के दौरान पहाड़ी प्रदेश में चला गया। उन्होंने एक खच्चर (mule) पर असबाब (luggage) लाद ले कर अपना घर छोड़ कर ठहरने के लिए सुहावना (pleasant) स्थान मिले। उसका स्थान में पहाड़ी थी और बंगले के चौकीदार (watchman) ने उनको बताया कि पहाड़ी का चोटी से सुर्यास्त (sunset) का द्य्शय ज़रूर देखते हैं। पत्नी थाकी हुई था लेकिन पिता और बेटी चलने के लिए मचल गई। सचमुच सुर्यास्त का द्य्श सुंदर था। बर्फ ने पहाड़ी ढकती थी (covered)। जब उतरना सूर्य बर्फ को छूने लगा तब आग कि बड़ी थाली के समान लगता था। हालांकि आदमी ने समझता था कि अंधेरे के पहले उसको डाक-बंगले (the place they were staying) हो जाती सड़क चलना शरू करना चाहिए, वे द्य्शय देखने के लिए रूकता था। उन्होने पूर्व की ओर का पहाड़ी ही चला जब अंधेरा घना (dense) हो गया।
किसान सोचता था कि हो सकता है कि शहर के लोग किसान की परिवार को पैसे दें अगर वे उनको अपनी झोंपड़ी में रहता दिए. इसलिए उसने अपनी पत्नी से साफ़ करने को कहा. तो उसने कुत्ते को डांटकर चुप करा दिया और गैया और मुर्गियां को बाहर फ़ेंक दिया. लेकिन फिर भी इस परिवार बहुत गरीबी था और उनके पास रोशनी या ऊंची छत नहीं थे. वे लोग मेहमानदारी होने चाहता था लेकिन आटा या गुड़ बिना क्या करें? जब वे अपना बच्चों के निर्वाह न कर पाते थे तब ये मेहमान के निर्वाह कैसे करते थे?
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